छञपती शिवराय- राष्ट्रपिता ज्योतीराव फुले का शेष कार्य मराठा सेवा संघ

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स्थापना दिवस विशेष लेख, दि.1 सितंबर

जय जिजाऊ,
देश बनाने के लिए सरकार का अपना वित्तीय स्रोत मजबूत रहना चाहिए. उसके लिए सरकारी संस्थानो का मजबूतीकरण स्थिरीकरण विस्तारीकरण के साथ देशके नागरिकों को सरकारी उत्पाद सस्ते दाम पर उपलब्ध होना जरूरी है. अब दोनो काम रूके है. सरकारी संस्थानोंका सरकारीकरण, मजबूतीकरण स्थिरीकरण विस्तारीकरण रूका है. उपाद नागरिकों तक मर्यादित है. किसान की उपज कौडी मोल भाव की बनादी गई है. आयात आसान है, निर्यात सस्ती और देशमे महंगी हो रही है.
उदा. देशमे पेट्रोल महंगा और निर्यात सस्ता है. भक्तोको यह बात हिंदुत्व के विरोधी लगती है. लेकीन असली हिंदू मर रहा है यह नही दिख रहा.

देश की वित्तीय दशा बहुत खराब लेव्हलपर है. ग्रामीण लोक कृपया किसी भी स्थिती मे महंगी शादिया और सुवर्ण आभूषण सोना/गोल्ड पर खर्च ना करे, सोना खरेदी मे निवेश-गुंतवणूक ना करे. जितना हो सके खेती पर समजदारी से 15–20–25–30—40 परिवार मिलकर सहकारी संस्था बनाकर खेती करे. जिससे ऋणमुक्त रहकर परिवार भरणपोषण का काम चलता रहेगा. व्यक्तिगत खेती मुनाफामुक्त रहेगी. सरकारी नीती – 10 बोटल खून लेकर, सहानुभुति से साल मे एक बार बैंक खाते मे 6000 रू दान देनेवाली है. वो भी तीन किश्त में. बच्चोंको किसी भी स्थिती मे निजी स्कूलो मे ना डाले. सरकारी स्कूलो मे प्रवेश लेवे. सस्ता और फायदेमंद रहेगा. पूर्ण प्रशिक्षित टिचर होते है. बचा पैसा शेयर मार्केट या व्यवसाय मे डाले. बच्चो को जादा से जादा शारीरिक शक्ती पाठ व्यायाम से तंदुरुस्त रखे. जानबुझकर छोटे बच्चो को खेत की मिठ्ठी में खेलने दे. प्रतिकार शक्ति बहुत जादा प्रमाण में सिंचित रहेगी. मिट्टी मे बढेपैमानेपर पौष्टिक तत्व होते है. खुले में धुप खाने दे. धुप और हरे पत्तोसंग खेलने दे. उम्र के 10 साल तक गायभैंस बकरी का दुध पिलाये. डेयरीयोंका दुध संभवत: ना दे तो बहुत अच्छा.
RSS founder डा गोलवलकर ने “बंच आफ थाट्स” मे लिखा है, जादा लंबा समय शासन करना हो तो बहुसंख्य प्रजा को वित्तीय खोखला करदो. फिलहाल केंद्र सरकार वही कर रही है. पेशवाई सूत्र सरकार के हर स्थान पर स्थापित हो चुके है. पुजापाठ से ब्राम्हणो का त्याग करो. मोदी केवल नीती अंमल कर रहे, नीतीस्रोत ब्राम्हणोकी RSS है. जो तुम्हे वित्तीय खोखला बना रहा उसे आप पुजापाठ कर्मकांड तिर्थयात्रा , शादी, सत्यनारायण पाठ , भागवत रामायण पाठ, यज्ञ हवन मे बुलाकर ताकद देना बंद करे. कोरोनासे बचाने कोई मंत्रशक्ति देवता मस्जिद मदरसा चर्च काम नही आया, ना साईबाबा ना सिध्दीविनायक ना तिरूपति. अकेले तिरूपति मे 700 पुजारी कोरोना की चपेट मे थे. रामलला का मुख्यपुजारी कोरोना मे है. यूपी के तीन मंत्री कोरोनासे भूलोक त्याग दिये. ईतना हमेशा याद रखे. संकट से लढने की प्रेरणा हमेशा महामानवों से मिली है, ना की धर्म आस्था से.मराठा सेवा संघ 12 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय जीजाऊ जन्मोत्सव, 19 फरवरी को छत्रपति शिवराय महाराज जयंती, 14 फरवरी को छत्रपति संभाजी महाराज जयंती, 6 जून को छत्रपति शिवराय का राज्याभिषेक, 14 जनवरी को मराठा शौर्य दिन समारोह पानिपत, राष्ट्रपितामह ज्योतिबा फुलेसाहेब जयंती , क्रांतिज्योती सावित्रीबाई जयंती, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर हमेशा महान मानव की जयंती प्रबोधन के माध्यम से समाज में अपने विचारों को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।जिजाऊ, शिवबा को पुजापाठ कर्मकांड तिर्थयात्रा , शादी, सत्यनारायण पाठ , भागवत रामायण पाठ, यज्ञ हवन मे लगाती तो भारतीयभूमी और लोग 700 वर्ष की अमानवीय गुलामी से मुक्त नही हो पाते. इसके लिए जिजाऊ ने शिवबा को कर्मयोग व आत्म बल से सिंचित किया. तब जाकर स्वराज्य का ईतिहास देखने मिला. शिवबा ने किसी किले का नाम देवी देवता के नाम नही रखा. ना किलाप्रवेशपर पुजापाठ करवाये. अपनी लडकियों की शादिया भी सामान्य कर्तव्य निपुण सरदारो से लगाई, ना धन दौलत जात श्रेष्ठता देखकर. देवीदेवताओकी भूमी रक्षार्थ पानिपत मे लाख भर मराठा मावला शहीद हुये पर मथुरा से ना कृष्ण आये ना अयोध्या, थायलंड से राम आये. ना कोई विष्णू का सुदर्शन चक्र मावलाओंको बचाने आया .
किसान श्रमिक वर्ग का फिर वित्तीय दुर्दशा मे प्रवेश हो चुका है. सहकारीता के अंदर जादा से जादा जमीन बनाये रखे. यही अगला उध्दार करेगा. क्यूकी कोर्पोरेट खेती के नामपर अंतर्राष्ट्रीय नयी नयी ईस्ट इंडिया कंपनियां देशमे प्रवेश कर रही है. सरकार की उस तरह की नीती बन गई है. जिससे गठबंधन करना है उसका जादा द्वेष फैलाओ जिससे किसीको शक ना आये. ईसलिए मुसलमान और चीन का जादा विरोध द्वेष देश में फैलाया जा रहा है. 700 साल का ईस्लामिक राज मे ब्राहणवादियोंका (बामण- बनिया ) अच्छा व्यापारी गठबंधन रहा. वह गठबंधन दुबारा स्थापित करने पर देश मे शक्तियां काम कर रही है. वह चाहे चीन से हो , मध्य आशिया से हो. आखिर हर तरह के नियंत्रण की चाबी अर्थ ही होता है. धर्म तो मानवको गुंगा बनाने के लिए काफी है.दिनांक 1 सितंबर 1989
मराठासेवासंघ के स्थापना दिवस पर भारतीय किसान कास्तकार श्रमिको को गगनभर शिववंदन शिवसदिच्छा! तथा संस्थापक अध्यक्ष शिवमान पुरूषोत्तम खेडेकर साहेब, शिवधर्मसंसद सदस्या– त्यागमुर्ती रेखाताई खेडेकर और उनकी संस्थापक टिम को कोटीकोटी सामाजिक धन्यवाद, शिववंदन! प्रबुध्ध शिवविचारक अंतर्राष्ट्रीय मयाठा ईतिहासकार प्रा.मा.म.देशमुख सर, शिवधर्मगाथा रचनाकार प्राच्यविद्या पंडित डा.आ. ह. साळुंखे सर, स्मृतिशेष प्रा. जैमिनी कडू, सिंधुलिपीसंशोधक डा. पुरूषोत्तम सदार सर, शांताराम कुंजीर, ईंजि. बेडसे सर, कोपर्डीची वंदनीय श्रध्दाताई आदी शिवविचारकोका अनमोल वंदनीय योगदान रहा है.मराठा सेवा संघ की मानवजागृति मिशन मे
कमसेकम दो करोड युवाओं को किताबे खरीदने लिखने भाषण में बदलने का सृजनशील परिवर्तन कार्य के साथ मराठा सेवा संघ को मानव को मानव बनाने के मिशन मे सफलता मिली है. भारतीयों को स्वराज्य देनेवाली स्वराज्यसंकल्पिका राष्ट्रमाता जिजाऊ की जन्मस्थली को मानवप्रेरणाकेंद्र मे बदलकर महान भारतीय बदलाव की आशा किरण जागृत बनाई है. जिजाऊ जन्मदिन पर भारतीय स्वराज्य विचार तथा प्रत्यक्ष भारतीय विचारोंकेसाथ भारतीय स्वराज्य साकार करनेवाले छत्रपति शिवराय महाराज के जातीनिर्मूलक – स्वराज्य प्रेरणा विचार को प्रमाण मानकर एक ही दिन एकही जगह दस लाख से जादा शिवविचारक राष्ट्रमाता जिजाऊ के जन्मस्थली पर इकठ्ठा होते है. आज व्यवसाय ज्ञान क्षेत्र मे व्यस्त लाख भर उर्जावान लोग सक्रिय विचार प्रचारक के तौर पर मराठा सेवा संघको देशभर स्थापित कर रहे है. ईस कार्य को राष्ट्रीय अध्यक्ष कामाजी पवार और उनकी कार्यसमिति, महासचिव मधुकर मेहेकरे, अर्जुनराव तनपुरे, विजयजी घोगरे, प्रा .प्रभाकर पावडे, ई. नेताजी गोरे, ई. विजयकुमार ठुबे, अरविंद गावंडे, सचिन चौधरी, लाखो शिवकन्याओंका प्रातिनिधिक नाम जाईजुई देशमुख, शिवमती तथा शिवश्री दिलीपराव देशमुख सत्यपाल महाराज, शिवमती मंदाताई निमसे- शरद निमसे, जिजाऊ डा. स्मिता देशमुख, प्रा.अशोक राणा, गंगाधर बनबरेजी, विकास पासलकर, विजयकुमार शिंदे, श्रीमंत कोकाटे, प्रवीण गायकवाड, राजेंद्र कोंढरे, संजीव भोर, विलास पाटील, शीतल तनपुरे, जयश्री शेळके, शिवाजीराजे जाधव, नवनाथ घाडगे, मनोज आखरे सौरव खेडेकर स्वप्निल खेडेकर, अण्णासाहेब सावंत, जिजाऊ शिवराय शंभू तुकोबा विचारोंसे प्रेरीत मराठा क्रांती मोर्चा के लाखो मराठामावळा और जिजाऊकन्या , मराठासेवासंघ द्वारा संपन्न मराठा आरक्षणार्थ व शेतकरी आत्महत्या विषयावपर जागृति अभियान शिवशाहूरथयात्रामें शामिल हजारो शिवविचारक, 30 वर्षमें सामाजिक सौख्य बनाये रखनेवाले मराठासेवासंघ जिजाऊ ब्रिगेड तथा संभाजी ब्रिगेड प्रेरणासे silent शिव विचार mission पर काम करनेवाले शिवमावळा , मराठाजागृतिमंच हरियाणा के नेतृत्व में 27 नोव्हेंबर 2005 को कर्नाल हरियाणा मे आयोजित जागतिक मराठा मिलन समारोह में मराठासेवासंघ द्वारा दिये बौद्धिक एवं मैदानी सहायता मे सक्रिय अथक योगदानकर्ता हजारो शिवमावळा, प्रतिवर्षी जिजाऊ जन्मोत्सव के लिए श्रम योगदान देणेवाले जिजाऊ शिवराय अनुयायी, जिजाऊ ब्रिगेड की ऊर्जावान राष्ट्रीय अध्यक्षा, जगदगुरु तुकोबाराय साहित्यपरिषदकी अध्यक्षा डा.निर्मलाताई पाटील, राष्ट्रीय संगठक शिवमती मयुराताई देशमुख, शिवमती वनिताताई अर्बट, महाराष्ट्र अध्यक्षा शिवमती माधुरी भदाणे, जहा अवसर मिले वहा शिव विचार प्रचार करनेवाले शिवमान कृषीसंत अविनाश काकडे जी, ईसी शिवविचार से मराठा मिशन हरियाणा मे स्थापित करनेवाले मराठा विरेंद्र जी, उत्तर भारत के मराठा ईतिहासकार लेखक डा एससी गंगवार जी, ऐसे अनगिनत हजारो लोगों केसाथ , जेम्सलेनको गलत जानकारी देदेनेवाले पुणेस्थित भांडारकर संस्थानपर दुरूस्त दंडक देनेवाले 72 मावलासेनानी आदी का मराठासेवासंघ शिवविचार विस्तार में अथक मेहनत- योगदान त्याग रहा है. उक्त नाम संख्या राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य संक्षिप्त में दिये है.

पर्यावरण संतुलन समता सम्यकता का मिशन के साथ देशमें सामाजिक सौहार्द एवं रचनामक कार्य में मराठा सेवा संघ निरंतर आगे बढ़ रहा है.

राष्ट्रमाता जिजाऊ जन्मोत्सव, जिजाऊ सृष्टी, सिंदखेडराजा जिला बुलढाणा में एकही दिन मे 10 लाख से जादा लोगोंका इकठा होना एक बढा परिवर्तन है. अपनो ने अपने महामानवोंकी याद मे एक जगह आना….वो भी बिना ईमेल बिना विज्ञापन बिना एस एम एस … यह बडा परिवर्तन है.
भारत केवल जिजाऊ शिवराय शंभूराजे ज्योतिबा सावित्री के विचारों से, दिखाये मार्ग से ही आजाद सशक्त बन सकता है.

जय जिजाऊ जय शिवराय, जय क्रांतिज्योती

लेखक: शिवक्रांतिदूत कमलेश पाटील,

राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष, मराठा सेवा संघ मो.9868262010

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